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मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

मध्य प्रदेश में 6 साल की मासूम से दुष्कर्म आरोपी सलमान पकड़ा गया



6 साल की मासूम से दुष्कर्म आरोपी सलमान पकड़ा गया,पूरा प्रदेश बोला फांसी दो, फांसी दो


फांसी ही एकमात्र जवाब है मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के गौहरगंज में छह साल की एक मासूम बच्ची के साथ जो हैवानियत हुई, उसने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। आरोपी का नाम है सलमान खान। उम्र महज पच्चीस साल। लेकिन इस उम्र में उसने जो किया, वह किसी इंसान का काम नहीं बल्कि राक्षस है

छह साल की बच्ची जो अभी दुनिया को समझना भी शुरू नहीं कर पाई थी,जिसके सपने अभी रंग-बिरंगे गुब्बारों तक सीमित थी,उसके साथ दुष्कर्म की घटना ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया 

लेकिन इस बार प्रदेश की जनता चुप नहीं रही।
हर गली, हर मोहल्ले, हर चौराहे पर एक ही आवाज़ गूँजी,पकड़ो उसे… फांसी दो उसे और फिर चमत्कार हुआ भोपाल के गांधीनगर में कुछ मुस्लिम युवकों ने सलमान को पहचाना उन्होंने धर्म नहीं देखा, इंसानियत देखी। उन्होंने उसे पकड़ा, पीटा नहीं, कानून के हवाले किया यह वही भोपाल था जहाँ कुछ लोग धर्म के नाम पर बाँटने की कोशिश करते हैं 

पुलिस आरोपी सलमान को लेकर जा रही थी। रास्ते में सलमान ने भागने की कोशिश की। पुलिस ने पैर में गोली मारी अब वह हमीदिया अस्पताल में है। लेकिन उसका इलाज करने वाला हर हाथ काँप रहा है। हर नर्स, हर डॉक्टर के मन में एक ही सवाल, हम इसे बचाएँ क्यों? अब सवाल सिर्फ सजा का नहीं है। सवाल समय का है। सवाल इरादे का है।

हमारे पास POCSO एक्ट है। फांसी का प्रावधान है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट हैं। फिर भी निर्भया को इंसाफ़ मिलने में सालों लग गए। 

इस बार मध्य प्रदेश ने ठान लिया है। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा,जमीन में छिपे या आसमान में उड़े, ढूँढ निकालेंगे। खेल मंत्री विश्वास सारंग ने कहा,
ऐसे दरिंदों को यहाँ जीने का हक नहीं।

लेकिन नेताओं के बयान से ज्यादा ताकत इस बार जनता में है। जनता जो सड़कों पर है,जो सोशल मीडिया पर है,जो चुप नहीं बैठेगी।यह सिर्फ़ सलमान खान की फांसी की लड़ाई नहीं है। यह उस व्यवस्था की लड़ाई है जो हर बार अपराधी को बचाने के रास्ते ढूँढती है।

यह उस मानसिकता की लड़ाई है जो बलात्कारी को मानसिक रूप से बीमार” बताकर बचाने की कोशिश करती है। 
इस बार नहीं इस बार बच्ची की चीख पूरे प्रदेश की चीख बन गई है। इस बार फांसी ही एकमात्र जवाब है। और अगर यह फांसी नहीं हुई,तो समझिए कि हम सब मिलकर उस मासूम को एक बार फिर मार देंगे।
आरोपी सलमान खान को फांसी मिलनी चाहिए 

और उस मासूम बेटी के लिए,जो अभी अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच लड़ रही है,बस एक ही प्रार्थना,हे भगवान, इसे जीवन देना। और उसके बलात्कारी को,फांसी बस फांसी।


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