छतरपुर के थानों में पुलिस बल की भारी कमी,जनता और जवान दोनों परेशान
छतरपुर जिले के हर थाने में पुलिस बल की कमी अब सिर्फ प्रशासनिक समस्या नहीं रह गई है,बल्कि यह आम लोगों की सुरक्षा,भरोसे और जीवन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनती जा रही है। जिले में लगातार बढ़ती आबादी, बढ़ते अपराध, धार्मिक आयोजन, वीआईपी ड्यूटी,ट्रैफिक व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते विवादों के बीच पुलिस महकमा सीमित स्टाफ के भरोसे काम कर रहा है। कई थानों में स्वीकृत पदों की तुलना में तैनात पुलिसकर्मियों की संख्या काफी कम है,जिससे ड्यूटी का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। आज हालात ऐसे हैं कि एक पुलिसकर्मी को दिन-रात कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं। कहीं बीट प्रभारी नहीं है, कहीं गश्त के लिए जवान कम हैं, तो कहीं एक ही आरक्षक को थाना ड्यूटी, कोर्ट पेशी, वीआईपी ड्यूटी और रात की गश्त तक करनी पड़ रही है। कई पुलिसकर्मी लगातार 12 से 16 घंटे तक ड्यूटी करने को मजबूर हैं। त्योहार हो, शादी हो, बच्चों का स्कूल कार्यक्रम हो या परिवार में कोई जरूरी काम, पुलिसकर्मी अक्सर अपनी खुशियां छोड़कर जनता की सुरक्षा में खड़े रहते हैं। छतरपुर जिले के कई पुलिसकर्मियों की जिंदगी अब सिर्फ वर्दी और ड्यूटी तक सीमित होत...