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केन-बेतवा में मुआवजा या खेल ? सूत्रों के मुताबिक बाहरी लोगों ने भी फर्जी तरीके से लिया मुआवजा क्या अब जांच में होगी वसूली ?

केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा… या फिर “मौका” वितरण ? केन बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा वितरण में विसंगतियों को लेकर चल रहे प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है लेकिन मामले में अब सबकी नजर प्रशासन की जांच में टिकी हुई है  सूत्रों के अनुसार छतरपुर जिले के डूब क्षेत्र के गांवों में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है जिनका हक था,वो लाइन में खड़े रह गए…और जिनका कोई लेना-देना नहीं गांव के भी नहीं ऐसे कई लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया ये सिस्टम की गलती है या सेटिंग का कमाल ? पिछले 12 दिन तक ग्रामीण चिता पर लेटे रहे प्रदर्शन किया,तब जाकर फाइलें खुलीं और जांच दल बन गया। सवाल ये है क्या जांच सच सामने लाएगी ? अब सीधे सवाल प्रशासन से क्या फर्जी मुआवजा लेने वालों से वसूली होगी ? क्या मिलीभगत करने वाले पटवारी बच पाएंगे ? और जो असली हकदार हैं…उन्हें उनका हक मिलेगा ? या फिर हमेशा की तरह…मामला उठेगा,सुर्खियां बनेगी,और फिर सब कुछ “ठंडे बस्ते” में चला जाएगा ?

छतरपुर में व्यापारी के घर बड़ी चोरी का खुलासा,पुलिस ने तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार,रिश्तेदार निकला एक आरोपी

छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के चंद्रनगर में व्यापारी जगत किशोर गुप्ता के घर हुई बड़ी चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। एसपी अगम जैन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से इस मामले की जानकारी दी।

चोरी की वारदात

7 फरवरी की देर रात चोरों ने व्यापारी के घर रैकी कर वारदात को अंजाम दिया। चोर नगद 30 लाख रुपये और 10 तोला सोना चुराकर फरार हो गए। मामले की शिकायत मिलते ही बमीठा थाने में एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई।

पुलिस को बड़ी सफलता

मात्र एक हफ्ते में पुलिस ने इस बड़ी चोरी का खुलासा कर दिया। तीन आरोपियों अमर सिंह राजपूत, रूपेश गुप्ता और घनश्याम प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इनके पास से चोरी किए गए 30 लाख रुपये नगद और 10 लाख रुपये के जेवरात बरामद किए हैं।

रिश्तेदार निकला एक आरोपी

चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोपियों में से एक, रूपेश गुप्ता, फरियादी व्यापारी जगत किशोर गुप्ता का रिश्तेदार निकला। तीनों आरोपी चंद्रनगर के ही निवासी हैं पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है ताकि अन्य संभावित आरोपियों या मददगारों का भी पता लगाया जा सके।



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