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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

कक्षा में सोती मिली मैडम,बच्चों ने कहा रोज़ का है ये हाल राजनगर जनपद शिक्षा केंद्र क्षेत्र का मामला

कक्षा में सोती मिली शिक्षिका,बच्चों ने लगाए रोज़ाना नींद में रहने के आरोप


छतरपुर। राजनगर जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत भीयांताल माध्यमिक विद्यालय से शिक्षा व्यवस्था की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहां पदस्थ प्रभारी शिक्षिका विमलेश गुप्ता कक्षा के बीच बच्चों के सामने नींद में लीन नजर आईं। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है।

विद्यालय के छात्रों ने बताया कि यह रोज़ का नज़ारा है। मैडम हर दिन पढ़ाने की बजाय कक्षा में सो जाती हैं। इतना ही नहीं, कई बार बिना किसी सूचना के स्कूल से छुट्टी पर भी रहती हैं। बच्चों के अनुसार, पढ़ाई से ज़्यादा शिक्षिका की नींद और गैरहाजिरी देखने को मिलती है।

स्थानीय ग्रामीणों ने भी बताया कि शिक्षिका की लापरवाही लंबे समय से जारी है। कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। स्कूल की गिरती स्थिति को देख अभिभावकों में भी आक्रोश है।

मामला जब मीडिया की सुर्खियों में आया तो चंद्रनगर शंकुल प्राचार्य केके अग्निहोत्री ने कहा कि मामले की जानकारी उन्हें मिली है और जल्द जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

अब बड़ा सवाल यही है — क्या इस बार शिक्षिका पर सख्त कदम उठाए जाएंगे या फिर एक बार फिर खानापूर्ति कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा?



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