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मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

25 दिसंबर को खजुराहो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास

खजुराहो, 24 दिसंबर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंचेंगे, जहां वे भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना के तहत केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट को दूर करना है और इस पर लगभग 44 हजार करोड़ रुपये अधिक लागत आएगी। 

यह परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे अब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साकार किया जाएगा। इसके तहत, केन और बेतवा नदियों को जोड़ने का काम किया जाएगा, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में जल की आपूर्ति बेहतर होगी और लाखों लोगों को पीने का पानी मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी इस परियोजना के अंतर्गत भूमि पूजन भी करेंगे, और इसके बाद इस परियोजना के कार्य का शुभारंभ होगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली ऐसी नदी जोड़ो परियोजना होगी, जिसका कार्य भूमि पर प्रारंभ हो रहा है और इसका उद्देश्य पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए क्षेत्रीय जल संकट को हल करना है।

आयोजन में लाखों लोगों के भाग लेने की संभावना है और इसके मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं। 
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा प्रदेश और देशभर के लोगों के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है, और इस परियोजना के जरिए बुंदेलखंड में विकास की नई राह खुलेगी।

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