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केन-बेतवा में मुआवजा या खेल ? सूत्रों के मुताबिक बाहरी लोगों ने भी फर्जी तरीके से लिया मुआवजा क्या अब जांच में होगी वसूली ?

केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा… या फिर “मौका” वितरण ? केन बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा वितरण में विसंगतियों को लेकर चल रहे प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है लेकिन मामले में अब सबकी नजर प्रशासन की जांच में टिकी हुई है  सूत्रों के अनुसार छतरपुर जिले के डूब क्षेत्र के गांवों में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है जिनका हक था,वो लाइन में खड़े रह गए…और जिनका कोई लेना-देना नहीं गांव के भी नहीं ऐसे कई लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया ये सिस्टम की गलती है या सेटिंग का कमाल ? पिछले 12 दिन तक ग्रामीण चिता पर लेटे रहे प्रदर्शन किया,तब जाकर फाइलें खुलीं और जांच दल बन गया। सवाल ये है क्या जांच सच सामने लाएगी ? अब सीधे सवाल प्रशासन से क्या फर्जी मुआवजा लेने वालों से वसूली होगी ? क्या मिलीभगत करने वाले पटवारी बच पाएंगे ? और जो असली हकदार हैं…उन्हें उनका हक मिलेगा ? या फिर हमेशा की तरह…मामला उठेगा,सुर्खियां बनेगी,और फिर सब कुछ “ठंडे बस्ते” में चला जाएगा ?

25 दिसंबर को खजुराहो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास

खजुराहो, 24 दिसंबर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंचेंगे, जहां वे भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना के तहत केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट को दूर करना है और इस पर लगभग 44 हजार करोड़ रुपये अधिक लागत आएगी। 

यह परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे अब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साकार किया जाएगा। इसके तहत, केन और बेतवा नदियों को जोड़ने का काम किया जाएगा, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में जल की आपूर्ति बेहतर होगी और लाखों लोगों को पीने का पानी मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी इस परियोजना के अंतर्गत भूमि पूजन भी करेंगे, और इसके बाद इस परियोजना के कार्य का शुभारंभ होगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली ऐसी नदी जोड़ो परियोजना होगी, जिसका कार्य भूमि पर प्रारंभ हो रहा है और इसका उद्देश्य पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए क्षेत्रीय जल संकट को हल करना है।

आयोजन में लाखों लोगों के भाग लेने की संभावना है और इसके मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं। 
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा प्रदेश और देशभर के लोगों के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है, और इस परियोजना के जरिए बुंदेलखंड में विकास की नई राह खुलेगी।

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