Skip to main content

BREAKING NEWS

छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

25 दिसंबर को खजुराहो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास

खजुराहो, 24 दिसंबर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंचेंगे, जहां वे भारत की पहली नदी जोड़ो परियोजना के तहत केन-बेतवा लिंक परियोजना का शिलान्यास करेंगे। इस परियोजना का उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र में जल संकट को दूर करना है और इस पर लगभग 44 हजार करोड़ रुपये अधिक लागत आएगी। 

यह परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जिसे अब प्रधानमंत्री मोदी द्वारा साकार किया जाएगा। इसके तहत, केन और बेतवा नदियों को जोड़ने का काम किया जाएगा, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र में जल की आपूर्ति बेहतर होगी और लाखों लोगों को पीने का पानी मिलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी इस परियोजना के अंतर्गत भूमि पूजन भी करेंगे, और इसके बाद इस परियोजना के कार्य का शुभारंभ होगा। केन-बेतवा लिंक परियोजना देश की पहली ऐसी नदी जोड़ो परियोजना होगी, जिसका कार्य भूमि पर प्रारंभ हो रहा है और इसका उद्देश्य पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए क्षेत्रीय जल संकट को हल करना है।

आयोजन में लाखों लोगों के भाग लेने की संभावना है और इसके मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं। 
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा प्रदेश और देशभर के लोगों के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है, और इस परियोजना के जरिए बुंदेलखंड में विकास की नई राह खुलेगी।

Comments