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क्या मेंढकों की आवाज़ सुनाने के लिए काटी जा रही है बिजली ?

टर्र-टर्र के बीच अंधेरे में जनता,आखिर बिजली विभाग कब जागेगा ? समीर अवस्थी बरसात का मौसम आते ही गांव-गांव में मेंढकों की टर्र-टर्र सुनाई देने लगी है। कहीं लोक परंपरा के तहत मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया जा रहा है, तो कहीं अच्छी बारिश की कामना में लोग पूजा-पाठ कर रहे हैं। आस्था और परंपरा भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। लेकिन इन सबके बीच एक और परंपरा ऐसी है जो हर साल निभाई जाती है अघोषित बिजली कटौती छतरपुर के बमीठा क्षेत्र में बिजली गायब है क्षेत्र के कई  गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि शायद बिजली विभाग ने भी सोचा होगा कि जब मेंढकों की बारात निकल रही है तो लाइट बंद कर दो,ताकि जनता प्रकृति का संगीत पूरे सुकून से सुन सके। यह लेख भले ही हंसी पैदा करे,लेकिन इसके पीछे जनता की गहरी पीड़ा छिपी है आखिर सवाल यह है कि जब आधुनिक भारत,डिजिटल इंडिया और स्मार्ट व्यवस्था की बातें हो रही हैं,तब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों अघोषित बिजली कटौती क्यों? यदि लाइन में तकनीकी खराबी है तो उसकी सूचना क्यों नहीं? यदि रखरखाव का कार्य है तो उसका समय पहले से...

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत खजुराहो में 16 फरवरी को सामूहिक विवाह सम्मेलन,पंजीयन 5 फरवरी तक

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बागेश्वर धाम के पास रेलवे स्टेशन का नाम बदलने पर विवाद,रेलवे ने नाम बदला,लेकिन आस्था पर सवाल छोड़ गए !

छतरपुर पुलिस ने शीतलहर में असहायों के लिए बढ़ाया मदद का हाथ !

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मौजूदगी का कद्र किसी को नहीं, बाद में तस्वीरें देखकर रोते हैं लोग

पत्रकारों की सुरक्षा,समाज और सरकार की जिम्मेदारी !

मजदूरों की जान के साथ खिलवाड़ बिना सेफ्टी किट काम करते मजदूर

खजुराहो में ठंड का कहर: कोहरे में लापता रेलवे स्टेशन, ट्रेनें घंटों लेट,कड़ाके की ठंड में सैकड़ों यात्री खुले में सोने को मजबूर