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क्या मेंढकों की आवाज़ सुनाने के लिए काटी जा रही है बिजली ?

टर्र-टर्र के बीच अंधेरे में जनता,आखिर बिजली विभाग कब जागेगा ? समीर अवस्थी बरसात का मौसम आते ही गांव-गांव में मेंढकों की टर्र-टर्र सुनाई देने लगी है। कहीं लोक परंपरा के तहत मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया जा रहा है, तो कहीं अच्छी बारिश की कामना में लोग पूजा-पाठ कर रहे हैं। आस्था और परंपरा भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। लेकिन इन सबके बीच एक और परंपरा ऐसी है जो हर साल निभाई जाती है अघोषित बिजली कटौती छतरपुर के बमीठा क्षेत्र में बिजली गायब है क्षेत्र के कई  गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि शायद बिजली विभाग ने भी सोचा होगा कि जब मेंढकों की बारात निकल रही है तो लाइट बंद कर दो,ताकि जनता प्रकृति का संगीत पूरे सुकून से सुन सके। यह लेख भले ही हंसी पैदा करे,लेकिन इसके पीछे जनता की गहरी पीड़ा छिपी है आखिर सवाल यह है कि जब आधुनिक भारत,डिजिटल इंडिया और स्मार्ट व्यवस्था की बातें हो रही हैं,तब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों अघोषित बिजली कटौती क्यों? यदि लाइन में तकनीकी खराबी है तो उसकी सूचना क्यों नहीं? यदि रखरखाव का कार्य है तो उसका समय पहले से...

खजुराहो में ठंड का कहर: कोहरे में लापता रेलवे स्टेशन, ट्रेनें घंटों लेट,कड़ाके की ठंड में सैकड़ों यात्री खुले में सोने को मजबूर

छतरपुर – मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो में ठंड और कोहरे का कहर जारी है। इलाके में तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे गिर चुका है, जिससे आम जीवन प्रभावित हो गया है। 

कोहरे ने ढक लिया रेलवे स्टेशन
खजुराहो रेलवे स्टेशन पर कोहरे की धुंध इतनी घनी हो गई है कि स्टेशन की दृश्यता लगभग गायब हो गई है। यात्रियों का कहना है कि उन्हें स्टेशन तक पहुंचने में भी मुश्किलें आ रही हैं। 

रेल गाड़ियाँ घंटों लेट
कोहरे और ठंड के कारण रेलवे संचालन पर भी असर पड़ा है। कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं। इससे यात्री परेशान हैं और उन्हें भारी ठंड में इंतजार करना पड़ रहा है। 

सर्दी में खुले में सोने को मजबूर यात्री
यात्रियों की स्थिति भी गंभीर है। कड़ाके की ठंड में सैकड़ों यात्री खुले में सोने को मजबूर हैं क्योंकि उनके पास गर्म रहने की कोई व्यवस्था नहीं है। कई लोग रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों पर रात बिताने को मजबूर हैं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे का कहर जारी रहने की चेतावनी दी है। प्रशासन और रेलवे विभाग को राहत कार्यों को तेज करने की आवश्यकता है ताकि ठंड के प्रभाव से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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