Skip to main content

BREAKING NEWS

क्या मेंढकों की आवाज़ सुनाने के लिए काटी जा रही है बिजली ?

टर्र-टर्र के बीच अंधेरे में जनता,आखिर बिजली विभाग कब जागेगा ? समीर अवस्थी बरसात का मौसम आते ही गांव-गांव में मेंढकों की टर्र-टर्र सुनाई देने लगी है। कहीं लोक परंपरा के तहत मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया जा रहा है, तो कहीं अच्छी बारिश की कामना में लोग पूजा-पाठ कर रहे हैं। आस्था और परंपरा भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। लेकिन इन सबके बीच एक और परंपरा ऐसी है जो हर साल निभाई जाती है अघोषित बिजली कटौती छतरपुर के बमीठा क्षेत्र में बिजली गायब है क्षेत्र के कई  गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि शायद बिजली विभाग ने भी सोचा होगा कि जब मेंढकों की बारात निकल रही है तो लाइट बंद कर दो,ताकि जनता प्रकृति का संगीत पूरे सुकून से सुन सके। यह लेख भले ही हंसी पैदा करे,लेकिन इसके पीछे जनता की गहरी पीड़ा छिपी है आखिर सवाल यह है कि जब आधुनिक भारत,डिजिटल इंडिया और स्मार्ट व्यवस्था की बातें हो रही हैं,तब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों अघोषित बिजली कटौती क्यों? यदि लाइन में तकनीकी खराबी है तो उसकी सूचना क्यों नहीं? यदि रखरखाव का कार्य है तो उसका समय पहले से...

छतरपुर : 1 जून से कोरोना कर्फ्यू मेें ढील दी जा रही है,दुकानदार कोविड गाइडलाइन का पालन करें और कराए



हमाई_दुकान_हमाई_जवाबदारी
छतरपुर जिले में भी 1 जून से कोरोना कर्फ्यू मेें ढील दी जा रही है। जिला आपदा प्रबंधन समिति ने सामाजिक जीवन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों के मद्देनजर यह फैसला लिया इस फैसले का सम्मान जिले के हर-एक नागरिक और सभी दुकानदारों को करना होेगा। उन्हें कोविड संक्रमण के बचाव के लिए अनुकूल व्यवहार करने के साथ-साथ जिले में संचालित "हमाओ घर हमाई जवाबदारी" के तहत शुरु किए गए "हमाई दुकान हमाई जवाबदारी" अभियान के तहत व्यापारी और उसके परिवार तथा दुकान पर काम करने वाले वर्कर्स और उसके परिवार को कोविड से बचाव के लिए टीकाकरण कराना होगा तथा मास्क लगाते हुए दुकान के बाहर सामान लेने आने-वाले लोगों के लिए दो-गज की दूरी पर गोले बनाने होगें तथा बिना मास्क के आने वाले लोगों को सामान नहीं देना होगा।

Comments