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मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

सोशल मीडिया प्लेटफार्म से भ्रामक खबरें, संदेश, वीडियो और तस्वीरें प्रचारित करने पर प्रतिबंध


छतरपुर कलेक्टर एवं दण्डाधिकारी द्वारा आदेश जारी
उल्लंघनकर्ता पर होगी कार्यवाही

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी छतरपुर शीलेन्द्र सिंह द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म से भ्रामक खबरें (फेक न्यूज), आपत्तिजनक संदेश, वीडियो, तस्वीरें, ऑडियो क्लिप्स के प्रचार-प्रसार पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति या समूह सोशल मीडिया प्लेटफार्मस जैसे टवीटर, फेसबुक, व्हाट्स एप, इन्सटाग्राम तथा टिकटॉक इत्यादि पर भ्रामक एवं झूठी खबरें तथा आपत्तिजनक संदेश के प्रचार-प्रसार, न ही शेयर एवं फारवर्ड कर सकेंगे। इन गतिविधियों पर 1 मई से यह प्रतिबंध छतरपुर जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा पर प्रभावशील किया गया है।  

जो भी व्यक्ति या समूह जारी आदेश का उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 तथा सूचना एवं प्रौधोगिकी एक्ट के प्रावधान के तहत कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1976 की धारा 2 के तहत एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। जारी आदेश से व्यथित व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (5) के अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

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