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केन-बेतवा में मुआवजा या खेल ? सूत्रों के मुताबिक बाहरी लोगों ने भी फर्जी तरीके से लिया मुआवजा क्या अब जांच में होगी वसूली ?

केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा… या फिर “मौका” वितरण ? केन बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा वितरण में विसंगतियों को लेकर चल रहे प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है लेकिन मामले में अब सबकी नजर प्रशासन की जांच में टिकी हुई है  सूत्रों के अनुसार छतरपुर जिले के डूब क्षेत्र के गांवों में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है जिनका हक था,वो लाइन में खड़े रह गए…और जिनका कोई लेना-देना नहीं गांव के भी नहीं ऐसे कई लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया ये सिस्टम की गलती है या सेटिंग का कमाल ? पिछले 12 दिन तक ग्रामीण चिता पर लेटे रहे प्रदर्शन किया,तब जाकर फाइलें खुलीं और जांच दल बन गया। सवाल ये है क्या जांच सच सामने लाएगी ? अब सीधे सवाल प्रशासन से क्या फर्जी मुआवजा लेने वालों से वसूली होगी ? क्या मिलीभगत करने वाले पटवारी बच पाएंगे ? और जो असली हकदार हैं…उन्हें उनका हक मिलेगा ? या फिर हमेशा की तरह…मामला उठेगा,सुर्खियां बनेगी,और फिर सब कुछ “ठंडे बस्ते” में चला जाएगा ?

सोशल मीडिया प्लेटफार्म से भ्रामक खबरें, संदेश, वीडियो और तस्वीरें प्रचारित करने पर प्रतिबंध


छतरपुर कलेक्टर एवं दण्डाधिकारी द्वारा आदेश जारी
उल्लंघनकर्ता पर होगी कार्यवाही

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी छतरपुर शीलेन्द्र सिंह द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफार्म से भ्रामक खबरें (फेक न्यूज), आपत्तिजनक संदेश, वीडियो, तस्वीरें, ऑडियो क्लिप्स के प्रचार-प्रसार पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं, जिसके तहत कोई भी व्यक्ति या समूह सोशल मीडिया प्लेटफार्मस जैसे टवीटर, फेसबुक, व्हाट्स एप, इन्सटाग्राम तथा टिकटॉक इत्यादि पर भ्रामक एवं झूठी खबरें तथा आपत्तिजनक संदेश के प्रचार-प्रसार, न ही शेयर एवं फारवर्ड कर सकेंगे। इन गतिविधियों पर 1 मई से यह प्रतिबंध छतरपुर जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा पर प्रभावशील किया गया है।  

जो भी व्यक्ति या समूह जारी आदेश का उल्लंघन करेंगे उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 तथा सूचना एवं प्रौधोगिकी एक्ट के प्रावधान के तहत कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता 1976 की धारा 2 के तहत एक पक्षीय रूप से पारित किया गया है। जारी आदेश से व्यथित व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (5) के अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।

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