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क्या मेंढकों की आवाज़ सुनाने के लिए काटी जा रही है बिजली ?

टर्र-टर्र के बीच अंधेरे में जनता,आखिर बिजली विभाग कब जागेगा ? समीर अवस्थी बरसात का मौसम आते ही गांव-गांव में मेंढकों की टर्र-टर्र सुनाई देने लगी है। कहीं लोक परंपरा के तहत मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया जा रहा है, तो कहीं अच्छी बारिश की कामना में लोग पूजा-पाठ कर रहे हैं। आस्था और परंपरा भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। लेकिन इन सबके बीच एक और परंपरा ऐसी है जो हर साल निभाई जाती है अघोषित बिजली कटौती छतरपुर के बमीठा क्षेत्र में बिजली गायब है क्षेत्र के कई  गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि शायद बिजली विभाग ने भी सोचा होगा कि जब मेंढकों की बारात निकल रही है तो लाइट बंद कर दो,ताकि जनता प्रकृति का संगीत पूरे सुकून से सुन सके। यह लेख भले ही हंसी पैदा करे,लेकिन इसके पीछे जनता की गहरी पीड़ा छिपी है आखिर सवाल यह है कि जब आधुनिक भारत,डिजिटल इंडिया और स्मार्ट व्यवस्था की बातें हो रही हैं,तब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों अघोषित बिजली कटौती क्यों? यदि लाइन में तकनीकी खराबी है तो उसकी सूचना क्यों नहीं? यदि रखरखाव का कार्य है तो उसका समय पहले से...

30 अप्रैल के बाद भी ली जा सकेंगी अतिथि शिक्षकों की सेवायें

प्रदेश के सभी शासकीय हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों में रिक्त पदों के विरुद्ध कार्यरत अतिथि शिक्षकों और नवीन व्यावसायिक शिक्षा के अंतर्गत कार्यरत अतिथि शिक्षकों की सेवायें 30 अप्रैल 2021 के बाद भी ली जा सकेंगी। आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती जयश्री कियावत ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण शैक्षणिक सत्र 2020-21 की बोर्ड परीक्षाएं संपादित नहीं होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। प्रदेश के सभी संभागीय संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी, विकास खंड शिक्षा अधिकारी और सभी प्राचार्यो को इस संबंध में आदेश जारी कर निर्देशित कर दिया गया है।  

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