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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

कोविड गाइडलाइन का पालन कर किया विवाहविवाह कार्यक्रम में मात्र 5 लोग उपस्थित


छतरपुर, 01 मई 2021

छतरपुर जिले के महाराजपुर तहसील के ग्राम नुना निवासी तेजसिंह चौधरी ने अपनी पुत्री का विवाह सतना जिले के ग्राम बरदाकला के निवासी और म.प्र. गृह निर्माण में कार्यरत कर्मचारी से की। इस विवाह कार्यक्रम की खासियत कोरोना नियम के अनुसार शादी में 10 लोगों की अनुमति होने के बावजूद दोनों पक्षों द्वारा 5-5 लोगांे की उपस्थिति में विवाह सम्पन्न करते हुए समाज के सामने मिसाल कायम की गई। दूल्हा बने एस.के. पटेल ने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की जो स्थिति बनी है उसे वह बखूबी समझते हैं। स्थिति को समझते ही उन्होंने निर्णय लिया और कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए विवाह रश्म पूरी करी।  

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