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केन-बेतवा में मुआवजा या खेल ? सूत्रों के मुताबिक बाहरी लोगों ने भी फर्जी तरीके से लिया मुआवजा क्या अब जांच में होगी वसूली ?

केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा… या फिर “मौका” वितरण ? केन बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा वितरण में विसंगतियों को लेकर चल रहे प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है लेकिन मामले में अब सबकी नजर प्रशासन की जांच में टिकी हुई है  सूत्रों के अनुसार छतरपुर जिले के डूब क्षेत्र के गांवों में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है जिनका हक था,वो लाइन में खड़े रह गए…और जिनका कोई लेना-देना नहीं गांव के भी नहीं ऐसे कई लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया ये सिस्टम की गलती है या सेटिंग का कमाल ? पिछले 12 दिन तक ग्रामीण चिता पर लेटे रहे प्रदर्शन किया,तब जाकर फाइलें खुलीं और जांच दल बन गया। सवाल ये है क्या जांच सच सामने लाएगी ? अब सीधे सवाल प्रशासन से क्या फर्जी मुआवजा लेने वालों से वसूली होगी ? क्या मिलीभगत करने वाले पटवारी बच पाएंगे ? और जो असली हकदार हैं…उन्हें उनका हक मिलेगा ? या फिर हमेशा की तरह…मामला उठेगा,सुर्खियां बनेगी,और फिर सब कुछ “ठंडे बस्ते” में चला जाएगा ?

विक्रमपुर पंचायत के सचिव निलंबित कोविड जैसे महत्वपूर्ण कार्य में बरती लापरवाही


छतरपुर कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने कोविड संक्रमण की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से रविवार को समीक्षा की जिसमें पाया गया कि ग्राम पंचायत विक्रमपुर तहसील राजनगर में टीकाकरण कार्य की प्रगति शून्य हैं जिसके चलते सचिव कमलेश भारती गोस्वामी को कोविड संक्रमण की स्थिति में किए जा रहे बचाव एवं सुरक्षा कार्य में लापरवाही एवं उदासीनता बरतने पर म.प्र. सिविल सेवा नियम 1965 के नियम 3(1) (2) (3) के तहत कदाचरण का दोषी पाए जाने से निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय जनपद पंचायत राजनगर किया गया है।

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