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मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

पन्ना टाइगर रिजर्व में स्वर्गेश्वर धाम से घंटे चोरी – चुप है प्रशासन, गूंज रहा सवाल – क्या ऐसे बनेगा हिंदू राष्ट्र ?

ओबेरॉय ग्रुप के होटल निर्माण में तेजी,पर भोलेनाथ के धाम का विकास ठप ?
छतरपुर :चंद्रनगर रेंज में स्थित प्राचीन स्वर्गेश्वर धाम में चोरी मंदिर परिसर से सभी घंटे चुरा ले गए चोर घटना को कई दिन बीत चुके, जांच में अब तक शून्य प्रगति वन मंत्री, पुलिस और टाइगर रिजर्व अधिकारी सभी खामोश
आस्था पर हमला या प्रशासनिक लापरवाही? 

पन्ना टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आने वाले प्राचीन स्वर्गेश्वर धाम में चोरी की बड़ी घटना ने ना सिर्फ सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि आस्था को भी गहरा आघात पहुंचाया है।

चंद्रनगर रेंज में स्थित इस धार्मिक स्थल से चोरों ने मंदिर परिसर के सभी घंटे उखाड़ लिए घटना को कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन **पुलिस और रिजर्व प्रशासन दोनों ही खाली हाथ हैं।

अब बड़ा सवाल ये उठता है –जब पन्ना टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित एक मंदिर ही सुरक्षित नहीं, तो ये प्रशासन वन्यजीवों की सुरक्षा कैसे कर रहा है?
भेष कीमती सागौन के पेड़ों की तस्करी को ये लोग कैसे रोक पा रहे होंगे ?

और वहीं दूसरी तरफ,राजगढ़ पेलेस में ओबेरॉय ग्रुप के होटल निर्माण का काम तेज़ी से चल रहा है,वहां कोई रुकावट नहीं है।

तो फिर भोलेनाथ के स्थान पर विकास क्यों नहीं ?
क्या आस्था के प्रतीकों को नजरअंदाज कर सिर्फ कमर्शियल प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दी जा रही है?

यह मामला खजुराहो लोकसभा और राजनगर विधानसभा क्षेत्र का है, और सबसे बड़ी बात –जिले में खुद वन मंत्री होने के बावजूद कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई है।

तो फिर सवाल जनता पूछ रही है –
क्या ये जंगल बचे रहेंगे? क्या आस्था बची रहेगी? क्या ऐसे बनेगा हिंदू राष्ट्र ?

अब जनता सिर्फ जवाब नहीं चाहती – कार्रवाई और बदलाव चाहती है।

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