Skip to main content

BREAKING NEWS

मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

खजुराहो अनुभाग के थानों में पुराने रिकॉर्ड का नष्टीकरण, बमीठा थाने में भी कार्रवाई

  • खजुराहो में रिकॉर्ड रूम साफ – प्रशासन सख्त!" "SDOP की मौजूदगी में पुलिस रिकॉर्ड्स का नष्टीकरण"

  • छतरपुर पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर खजुराहो पुलिस अनुभाग क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एसडीओपी नवीन दुबे की निगरानी में अनुभाग के अंतर्गत आने वाले सभी थानों में वर्षों पुराने और अनुपयोगी पुलिस रिकॉर्ड्स को विधिवत नष्ट किया गया।

    इस अभियान के तहत बमीठा थाना भी शामिल रहा, जहाँ पर थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रीय के नेतृत्व में पुराने रिकॉर्ड्स का निरीक्षण कर उन्हें नियमानुसार नष्ट किया गया। इस मौके पर थाना स्टाफ भी मौजूद रहा और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व दस्तावेज़ीय विधि से अंजाम दिया गया।

    नष्टीकरण की इस कार्रवाई में वे सभी दस्तावेज शामिल थे जो न तो किसी चल रहे मामले से संबंधित थे और न ही भविष्य में उपयोग की स्थिति में थे। इनमें चालान कॉपियाँ, पुरानी केस डायरी, आवेदन रजिस्टर, वर्दी रजिस्टर आदि दस्तावेज शामिल थे।

    एसडीओपी नवीन दुबे ने जानकारी दी कि यह कदम पुलिसिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में लिया गया है। साथ ही, इससे थानों में जगह की भी बचत होगी और भविष्य के रिकॉर्ड्स को रखने में सुविधा होगी।

    इस कार्रवाई को लेकर पुलिस महकमे में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अनुमान है कि आने वाले समय में सभी थानों के रिकॉर्ड्स को डिजिटल फॉर्मेट में अपलोड करने की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ेगी।



    Comments