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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

खजुराहो अनुभाग के थानों में पुराने रिकॉर्ड का नष्टीकरण, बमीठा थाने में भी कार्रवाई

  • खजुराहो में रिकॉर्ड रूम साफ – प्रशासन सख्त!" "SDOP की मौजूदगी में पुलिस रिकॉर्ड्स का नष्टीकरण"

  • छतरपुर पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर खजुराहो पुलिस अनुभाग क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एसडीओपी नवीन दुबे की निगरानी में अनुभाग के अंतर्गत आने वाले सभी थानों में वर्षों पुराने और अनुपयोगी पुलिस रिकॉर्ड्स को विधिवत नष्ट किया गया।

    इस अभियान के तहत बमीठा थाना भी शामिल रहा, जहाँ पर थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रीय के नेतृत्व में पुराने रिकॉर्ड्स का निरीक्षण कर उन्हें नियमानुसार नष्ट किया गया। इस मौके पर थाना स्टाफ भी मौजूद रहा और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व दस्तावेज़ीय विधि से अंजाम दिया गया।

    नष्टीकरण की इस कार्रवाई में वे सभी दस्तावेज शामिल थे जो न तो किसी चल रहे मामले से संबंधित थे और न ही भविष्य में उपयोग की स्थिति में थे। इनमें चालान कॉपियाँ, पुरानी केस डायरी, आवेदन रजिस्टर, वर्दी रजिस्टर आदि दस्तावेज शामिल थे।

    एसडीओपी नवीन दुबे ने जानकारी दी कि यह कदम पुलिसिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में लिया गया है। साथ ही, इससे थानों में जगह की भी बचत होगी और भविष्य के रिकॉर्ड्स को रखने में सुविधा होगी।

    इस कार्रवाई को लेकर पुलिस महकमे में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अनुमान है कि आने वाले समय में सभी थानों के रिकॉर्ड्स को डिजिटल फॉर्मेट में अपलोड करने की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ेगी।



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