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केन-बेतवा में मुआवजा या खेल ? सूत्रों के मुताबिक बाहरी लोगों ने भी फर्जी तरीके से लिया मुआवजा क्या अब जांच में होगी वसूली ?

केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा… या फिर “मौका” वितरण ? केन बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा वितरण में विसंगतियों को लेकर चल रहे प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है लेकिन मामले में अब सबकी नजर प्रशासन की जांच में टिकी हुई है  सूत्रों के अनुसार छतरपुर जिले के डूब क्षेत्र के गांवों में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है जिनका हक था,वो लाइन में खड़े रह गए…और जिनका कोई लेना-देना नहीं गांव के भी नहीं ऐसे कई लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया ये सिस्टम की गलती है या सेटिंग का कमाल ? पिछले 12 दिन तक ग्रामीण चिता पर लेटे रहे प्रदर्शन किया,तब जाकर फाइलें खुलीं और जांच दल बन गया। सवाल ये है क्या जांच सच सामने लाएगी ? अब सीधे सवाल प्रशासन से क्या फर्जी मुआवजा लेने वालों से वसूली होगी ? क्या मिलीभगत करने वाले पटवारी बच पाएंगे ? और जो असली हकदार हैं…उन्हें उनका हक मिलेगा ? या फिर हमेशा की तरह…मामला उठेगा,सुर्खियां बनेगी,और फिर सब कुछ “ठंडे बस्ते” में चला जाएगा ?

खजुराहो अनुभाग के थानों में पुराने रिकॉर्ड का नष्टीकरण, बमीठा थाने में भी कार्रवाई

  • खजुराहो में रिकॉर्ड रूम साफ – प्रशासन सख्त!" "SDOP की मौजूदगी में पुलिस रिकॉर्ड्स का नष्टीकरण"

  • छतरपुर पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर खजुराहो पुलिस अनुभाग क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एसडीओपी नवीन दुबे की निगरानी में अनुभाग के अंतर्गत आने वाले सभी थानों में वर्षों पुराने और अनुपयोगी पुलिस रिकॉर्ड्स को विधिवत नष्ट किया गया।

    इस अभियान के तहत बमीठा थाना भी शामिल रहा, जहाँ पर थाना प्रभारी आशुतोष श्रोत्रीय के नेतृत्व में पुराने रिकॉर्ड्स का निरीक्षण कर उन्हें नियमानुसार नष्ट किया गया। इस मौके पर थाना स्टाफ भी मौजूद रहा और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी व दस्तावेज़ीय विधि से अंजाम दिया गया।

    नष्टीकरण की इस कार्रवाई में वे सभी दस्तावेज शामिल थे जो न तो किसी चल रहे मामले से संबंधित थे और न ही भविष्य में उपयोग की स्थिति में थे। इनमें चालान कॉपियाँ, पुरानी केस डायरी, आवेदन रजिस्टर, वर्दी रजिस्टर आदि दस्तावेज शामिल थे।

    एसडीओपी नवीन दुबे ने जानकारी दी कि यह कदम पुलिसिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की दिशा में लिया गया है। साथ ही, इससे थानों में जगह की भी बचत होगी और भविष्य के रिकॉर्ड्स को रखने में सुविधा होगी।

    इस कार्रवाई को लेकर पुलिस महकमे में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। अनुमान है कि आने वाले समय में सभी थानों के रिकॉर्ड्स को डिजिटल फॉर्मेट में अपलोड करने की प्रक्रिया भी तेज़ी से आगे बढ़ेगी।



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