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केन-बेतवा में मुआवजा या खेल ? सूत्रों के मुताबिक बाहरी लोगों ने भी फर्जी तरीके से लिया मुआवजा क्या अब जांच में होगी वसूली ?

केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा… या फिर “मौका” वितरण ? केन बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा वितरण में विसंगतियों को लेकर चल रहे प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है लेकिन मामले में अब सबकी नजर प्रशासन की जांच में टिकी हुई है  सूत्रों के अनुसार छतरपुर जिले के डूब क्षेत्र के गांवों में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है जिनका हक था,वो लाइन में खड़े रह गए…और जिनका कोई लेना-देना नहीं गांव के भी नहीं ऐसे कई लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया ये सिस्टम की गलती है या सेटिंग का कमाल ? पिछले 12 दिन तक ग्रामीण चिता पर लेटे रहे प्रदर्शन किया,तब जाकर फाइलें खुलीं और जांच दल बन गया। सवाल ये है क्या जांच सच सामने लाएगी ? अब सीधे सवाल प्रशासन से क्या फर्जी मुआवजा लेने वालों से वसूली होगी ? क्या मिलीभगत करने वाले पटवारी बच पाएंगे ? और जो असली हकदार हैं…उन्हें उनका हक मिलेगा ? या फिर हमेशा की तरह…मामला उठेगा,सुर्खियां बनेगी,और फिर सब कुछ “ठंडे बस्ते” में चला जाएगा ?

जहां संक्रमित अधिक हैं वहां माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाएंबेरिकेट्स व्यवस्था प्रभावी हो


नगर पालिका डोर-टू-डोर आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति करें
संजीवनी अभियान में सर्वे से कोई घर न छूटे
पाए गए संक्रमितों को तुरंत दवाई दिलाएं

छतरपुर, 28 अपै्रल 2021

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने छतरपुर शहर के वार्डों में कोरोना आपदा की विभिन्न गतिविधियांे के बेहतर नियंत्रण एवं संक्रमित व्यक्ति को बुनियादी सुविधा दिलाने के लिए बनाए गए वार्ड प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन वार्डों में जहां-जहां कोविड संक्रमित अधिक पाए गए हैं वहां सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर 5 या 5 से अधिक घरों को मिलाकर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाएं। यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं। कलेक्टर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नोडल अधिकारियों की समीक्षा करते हुए उक्त निर्देश दिए।

माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र में पुख्ता रूप से बेरिकेट्स बनाए जाएं। इस कार्य में लोक निर्माण विभाग दायित्व निभाएं और नगर पालिका डोर-टू-डोर लोगों को दैनिक मानवीय जीवन से जुड़ी आवश्यक सामग्री मुहैया कराएं। वार्डों में कोरोना पाॅजिटिव (एक्टिव) केस की जानकारी भी नोडल अधिकारी अद्यतन रखें। जिन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की दर कम है वहां मिनी कंटेनमेंट नहीं बनाएं।  
कार्यक्षेत्र के माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र में जनता कफ्र्यू का प्रभावी रूप से पालन कराएं। कोई भी दुकानें न खुली रहें, संजीवनी अभियान में कुल कितने घर हैं, उनमें कितने घरों का सर्वे हो चुका है, सर्वे से कितने घर शेष बचे हैं, सर्वे के आधार पर सर्दी, जुखाम, खांसी और बुखार रोग के लक्षण पाए जाने से संबंधित मरीजों को तुरंत दवा वितरित कराते हुए दवाईयों के सेवन की सलाह दें।
कलेक्टर ने कहा कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन में कोरोना संक्रमण को स्थिर करने से जुड़ी सभी गतिविधियां सजगता से करें और स्थिति पर नियंत्रण करने के हरसंभव उपाय किए जाएं जिससे कोरोना संक्रमित की संख्या कम हो सके।  

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