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क्या मेंढकों की आवाज़ सुनाने के लिए काटी जा रही है बिजली ?

टर्र-टर्र के बीच अंधेरे में जनता,आखिर बिजली विभाग कब जागेगा ? समीर अवस्थी बरसात का मौसम आते ही गांव-गांव में मेंढकों की टर्र-टर्र सुनाई देने लगी है। कहीं लोक परंपरा के तहत मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया जा रहा है, तो कहीं अच्छी बारिश की कामना में लोग पूजा-पाठ कर रहे हैं। आस्था और परंपरा भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। लेकिन इन सबके बीच एक और परंपरा ऐसी है जो हर साल निभाई जाती है अघोषित बिजली कटौती छतरपुर के बमीठा क्षेत्र में बिजली गायब है क्षेत्र के कई  गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि शायद बिजली विभाग ने भी सोचा होगा कि जब मेंढकों की बारात निकल रही है तो लाइट बंद कर दो,ताकि जनता प्रकृति का संगीत पूरे सुकून से सुन सके। यह लेख भले ही हंसी पैदा करे,लेकिन इसके पीछे जनता की गहरी पीड़ा छिपी है आखिर सवाल यह है कि जब आधुनिक भारत,डिजिटल इंडिया और स्मार्ट व्यवस्था की बातें हो रही हैं,तब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों अघोषित बिजली कटौती क्यों? यदि लाइन में तकनीकी खराबी है तो उसकी सूचना क्यों नहीं? यदि रखरखाव का कार्य है तो उसका समय पहले से...

जहां संक्रमित अधिक हैं वहां माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाएंबेरिकेट्स व्यवस्था प्रभावी हो


नगर पालिका डोर-टू-डोर आवश्यक वस्तुओं की पूर्ति करें
संजीवनी अभियान में सर्वे से कोई घर न छूटे
पाए गए संक्रमितों को तुरंत दवाई दिलाएं

छतरपुर, 28 अपै्रल 2021

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने छतरपुर शहर के वार्डों में कोरोना आपदा की विभिन्न गतिविधियांे के बेहतर नियंत्रण एवं संक्रमित व्यक्ति को बुनियादी सुविधा दिलाने के लिए बनाए गए वार्ड प्रभारी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन वार्डों में जहां-जहां कोविड संक्रमित अधिक पाए गए हैं वहां सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर 5 या 5 से अधिक घरों को मिलाकर माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाएं। यह कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं। कलेक्टर ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में नोडल अधिकारियों की समीक्षा करते हुए उक्त निर्देश दिए।

माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र में पुख्ता रूप से बेरिकेट्स बनाए जाएं। इस कार्य में लोक निर्माण विभाग दायित्व निभाएं और नगर पालिका डोर-टू-डोर लोगों को दैनिक मानवीय जीवन से जुड़ी आवश्यक सामग्री मुहैया कराएं। वार्डों में कोरोना पाॅजिटिव (एक्टिव) केस की जानकारी भी नोडल अधिकारी अद्यतन रखें। जिन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण की दर कम है वहां मिनी कंटेनमेंट नहीं बनाएं।  
कार्यक्षेत्र के माइक्रो कंटेनमेंट क्षेत्र में जनता कफ्र्यू का प्रभावी रूप से पालन कराएं। कोई भी दुकानें न खुली रहें, संजीवनी अभियान में कुल कितने घर हैं, उनमें कितने घरों का सर्वे हो चुका है, सर्वे से कितने घर शेष बचे हैं, सर्वे के आधार पर सर्दी, जुखाम, खांसी और बुखार रोग के लक्षण पाए जाने से संबंधित मरीजों को तुरंत दवा वितरित कराते हुए दवाईयों के सेवन की सलाह दें।
कलेक्टर ने कहा कि माइक्रो कंटेनमेंट जोन में कोरोना संक्रमण को स्थिर करने से जुड़ी सभी गतिविधियां सजगता से करें और स्थिति पर नियंत्रण करने के हरसंभव उपाय किए जाएं जिससे कोरोना संक्रमित की संख्या कम हो सके।  

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