Skip to main content

BREAKING NEWS

मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

बाबा साहेब अंबेडकर जयंती पर टोरिया गांव के आदिवासी पुरवा में साड़ी वितरण कार्यक्रम, सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल

राजनगर (छतरपुर):

संविधान निर्माता और समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर छतरपुर जिले के राजनगर क्षेत्र के टोरिया गांव स्थित आदिवासी पुरवा में एक विशेष सामाजिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उष्णकार चैरिटेबल एवं एजुकेशनल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में आदिवासी महिलाओं को साड़ी वितरित कर सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाबा साहेब के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना और वंचित वर्गों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में समाजसेवी संतोष यादव, लोकेंद्र यादव तीरथ यादव, हेमराज यादव ने भाग लिया और आदिवासी समाज की महिलाओं को साड़ी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम बाबा साहेब के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों से प्रेरित है। उनके विचार आज भी समाज में समानता और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्य बिंदु:

  • आदिवासी पुरवा की महिलाओं को किया गया सम्मानित

  • उष्णकार ट्रस्ट की ओर से निशुल्क साड़ी वितरण

  • बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को समाज तक पहुंचाने की पहल

  • ग्रामीणों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह और प्रसन्नता

ग्रामीणों ने इस आयोजन की जमकर सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। ट्रस्ट की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी।

डॉ. अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक सामाजिक सेवा का उदाहरण बना, बल्कि आदिवासी पुरवा में सामाजिक समरसता और जागरूकता की अलख भी जगाई।



Comments