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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

बाबा साहेब अंबेडकर जयंती पर टोरिया गांव के आदिवासी पुरवा में साड़ी वितरण कार्यक्रम, सामाजिक समरसता की अनूठी मिसाल

राजनगर (छतरपुर):

संविधान निर्माता और समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर छतरपुर जिले के राजनगर क्षेत्र के टोरिया गांव स्थित आदिवासी पुरवा में एक विशेष सामाजिक सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उष्णकार चैरिटेबल एवं एजुकेशनल ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में आदिवासी महिलाओं को साड़ी वितरित कर सम्मानित किया गया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाबा साहेब के सिद्धांतों को जन-जन तक पहुंचाना और वंचित वर्गों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में समाजसेवी संतोष यादव, लोकेंद्र यादव तीरथ यादव, हेमराज यादव ने भाग लिया और आदिवासी समाज की महिलाओं को साड़ी प्रदान की। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम बाबा साहेब के सामाजिक न्याय के सिद्धांतों से प्रेरित है। उनके विचार आज भी समाज में समानता और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्य बिंदु:

  • आदिवासी पुरवा की महिलाओं को किया गया सम्मानित

  • उष्णकार ट्रस्ट की ओर से निशुल्क साड़ी वितरण

  • बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को समाज तक पहुंचाने की पहल

  • ग्रामीणों में कार्यक्रम को लेकर उत्साह और प्रसन्नता

ग्रामीणों ने इस आयोजन की जमकर सराहना की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं। ट्रस्ट की ओर से यह आश्वासन भी दिया गया कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी।

डॉ. अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल एक सामाजिक सेवा का उदाहरण बना, बल्कि आदिवासी पुरवा में सामाजिक समरसता और जागरूकता की अलख भी जगाई।



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