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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

तेजी से फैल रहा छतरपुर में आईपीएल पर सट्टे का नशा, नहीं रुका तो परिणाम बेहद बुरे होंगे

छतरपुर। आईपीएल का सीजन शुरू होते ही छतरपुर जिले में सट्टेबाजी का काला कारोबार एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टे के जरिये युवाओं को जाल में फंसाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिले में करीब एक दर्जन सट्टा साइटें सक्रिय हैं जिन पर हजारों युवा दिन-रात दांव लगा रहे हैं।

सिर्फ छतरपुर शहर ही नहीं, बल्कि बड़ामलहरा, गुलगंज, ईशानगर, हरपालपुर, नौगांव, खजुराहो, राजनगर,बमीठा बिजावर, गढ़ीमलहारा, लवकुशनगर और महाराजपुर जैसे कस्बों में भी यह अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है।  

पुलिस की ओर से कार्रवाई की बात तो कही जा रही है, लेकिन यदि आंकड़ों की जांच की जाए तो अब तक की गई कार्यवाही 1 प्रतिशत से भी कम नजर आती है। स्थानीय लोग बताते हैं कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद सटोरिए बेखौफ अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं।

जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। युवा पीढ़ी नशे और सट्टे की गिरफ्त में आकर न केवल अपना भविष्य बर्बाद कर रही है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी चरमरा रही है।

समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आईपीएल के दौरान विशेष निगरानी अभियान चलाया जाए और इस गोरखधंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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