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क्या मेंढकों की आवाज़ सुनाने के लिए काटी जा रही है बिजली ?

टर्र-टर्र के बीच अंधेरे में जनता,आखिर बिजली विभाग कब जागेगा ? समीर अवस्थी बरसात का मौसम आते ही गांव-गांव में मेंढकों की टर्र-टर्र सुनाई देने लगी है। कहीं लोक परंपरा के तहत मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया जा रहा है, तो कहीं अच्छी बारिश की कामना में लोग पूजा-पाठ कर रहे हैं। आस्था और परंपरा भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। लेकिन इन सबके बीच एक और परंपरा ऐसी है जो हर साल निभाई जाती है अघोषित बिजली कटौती छतरपुर के बमीठा क्षेत्र में बिजली गायब है क्षेत्र के कई  गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि शायद बिजली विभाग ने भी सोचा होगा कि जब मेंढकों की बारात निकल रही है तो लाइट बंद कर दो,ताकि जनता प्रकृति का संगीत पूरे सुकून से सुन सके। यह लेख भले ही हंसी पैदा करे,लेकिन इसके पीछे जनता की गहरी पीड़ा छिपी है आखिर सवाल यह है कि जब आधुनिक भारत,डिजिटल इंडिया और स्मार्ट व्यवस्था की बातें हो रही हैं,तब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों अघोषित बिजली कटौती क्यों? यदि लाइन में तकनीकी खराबी है तो उसकी सूचना क्यों नहीं? यदि रखरखाव का कार्य है तो उसका समय पहले से...

तेजी से फैल रहा छतरपुर में आईपीएल पर सट्टे का नशा, नहीं रुका तो परिणाम बेहद बुरे होंगे

छतरपुर। आईपीएल का सीजन शुरू होते ही छतरपुर जिले में सट्टेबाजी का काला कारोबार एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टे के जरिये युवाओं को जाल में फंसाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिले में करीब एक दर्जन सट्टा साइटें सक्रिय हैं जिन पर हजारों युवा दिन-रात दांव लगा रहे हैं।

सिर्फ छतरपुर शहर ही नहीं, बल्कि बड़ामलहरा, गुलगंज, ईशानगर, हरपालपुर, नौगांव, खजुराहो, राजनगर,बमीठा बिजावर, गढ़ीमलहारा, लवकुशनगर और महाराजपुर जैसे कस्बों में भी यह अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है।  

पुलिस की ओर से कार्रवाई की बात तो कही जा रही है, लेकिन यदि आंकड़ों की जांच की जाए तो अब तक की गई कार्यवाही 1 प्रतिशत से भी कम नजर आती है। स्थानीय लोग बताते हैं कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद सटोरिए बेखौफ अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं।

जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। युवा पीढ़ी नशे और सट्टे की गिरफ्त में आकर न केवल अपना भविष्य बर्बाद कर रही है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी चरमरा रही है।

समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आईपीएल के दौरान विशेष निगरानी अभियान चलाया जाए और इस गोरखधंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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