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मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

तेजी से फैल रहा छतरपुर में आईपीएल पर सट्टे का नशा, नहीं रुका तो परिणाम बेहद बुरे होंगे

छतरपुर। आईपीएल का सीजन शुरू होते ही छतरपुर जिले में सट्टेबाजी का काला कारोबार एक बार फिर से सक्रिय हो गया है। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टे के जरिये युवाओं को जाल में फंसाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जिले में करीब एक दर्जन सट्टा साइटें सक्रिय हैं जिन पर हजारों युवा दिन-रात दांव लगा रहे हैं।

सिर्फ छतरपुर शहर ही नहीं, बल्कि बड़ामलहरा, गुलगंज, ईशानगर, हरपालपुर, नौगांव, खजुराहो, राजनगर,बमीठा बिजावर, गढ़ीमलहारा, लवकुशनगर और महाराजपुर जैसे कस्बों में भी यह अवैध कारोबार तेजी से फैल रहा है।  

पुलिस की ओर से कार्रवाई की बात तो कही जा रही है, लेकिन यदि आंकड़ों की जांच की जाए तो अब तक की गई कार्यवाही 1 प्रतिशत से भी कम नजर आती है। स्थानीय लोग बताते हैं कि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद सटोरिए बेखौफ अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं।

जानकारों का मानना है कि यदि जल्द ही इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर हो सकते हैं। युवा पीढ़ी नशे और सट्टे की गिरफ्त में आकर न केवल अपना भविष्य बर्बाद कर रही है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी चरमरा रही है।

समाजसेवियों और जागरूक नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आईपीएल के दौरान विशेष निगरानी अभियान चलाया जाए और इस गोरखधंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

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