Skip to main content

Posts

BREAKING NEWS

हर साल रावण जलता है,फिर भी समाज में रावण जिंदा क्यों है ?

दशहरा केवल पुतला दहन का पर्व नहीं,बल्कि अपने भीतर और समाज में मौजूद बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने का अवसर है हर साल दशहरे पर देशभर में रावण के पुतले जलाए जाते हैं। मैदानों में हजारों लोगों की भीड़ जुटती है, आतिशबाजी होती है,जयकारे गूंजते हैं और सत्य की विजय तथा अधर्म के विनाश का संदेश दिया जाता है। यह परंपरा हमारी संस्कृति,आस्था और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से जुड़ी हुई है। रावण का दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। लेकिन हर साल मन में एक सवाल उठता है कि जब हम सदियों से रावण का दहन करते आ रहे हैं,तो समाज में बुराइयां आज भी क्यों मौजूद हैं ? आखिर वह कौन-सा रावण है,जो हर साल पुतले के रूप में जल जाता है, लेकिन अगले दिन फिर हमारे आसपास दिखाई देने लगता है ? दरअसल,रावण केवल रामायण का एक पात्र नहीं,बल्कि अहंकार,अन्याय,सत्ता के दुरुपयोग और दूसरे की मर्यादा का अपमान करने जैसी बुराइयों का प्रतीक भी है। दशहरा हमें इन बुराइयों के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देता है। लेकिन कहीं ऐसा तो नहीं कि हमने इस पर्व के वास्तविक संदेश को केवल एक आयोजन तक ...

हाईवे पर खुलेआम कालाबाजारी,टोरिया गांव में ट्रकों से उतारी जा रही अनाज की बोरियां

नववर्ष को लेकर छतरपुर पुलिस सतर्क,बमीठा में फ्लैग मार्च आयोजित

बीड़ी श्रमिकों को फिर से मुख्यधारा के रोजगार से जोड़ने की तैयारी में मध्यप्रदेश सरकार

बारात निकलने से पहले शिव के दर पर दस्तक खजुराहो में दूल्हा देव मंदिर की अनोखी परंपरा

मध्य प्रदेश में 6 साल की मासूम से दुष्कर्म आरोपी सलमान पकड़ा गया

सवालों के घेरे में CMHO छतरपुर के सैकड़ों कर्मचारियों का वेतन अटका अब साहब मांग रहे 20 दिन का समय

बमीठा थाना पुलिस ने कसी नकेल डीजे संचालकों को नोटिस,नियम तोड़ने पर होगी कठोर कार्रवाई

खतरा पहले, कार्रवाई बाद में दीपावली के बाद प्रशासन की नींद टूटी ?

भरोसे की डोर जीवन का सबसे मजबूत संबंध

स्वच्छ भारत पर नेतागिरी का दाग CMO ने लौटाया नेताजी का कचरा,मचा सियासी बवाल !

गरीब के हिस्से का उजाला किसने छीन लिया ? दिवाली की रौशनी में दबे गरीबों के अधिकार