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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

छतरपुर - कटरा में फंसे 2468 प्रवासी मजदूर श्रमिक एक्सप्रेस से पहुंचे छतरपुर

छतरपुर, 24 मई 2020

राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों को वापस अपने-अपने गृह जिलों में भेजने के लिए विशेष श्रमिक ट्रेन चलाई जा रही है। जम्मू कश्मीर के कटरा से रवाना हुई श्रमिक एक्सप्रेस आज 24 मई को प्रातः 9 बजे छतरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन के माध्यम से कुल 2468 प्रवासी मजदूर छतरपुर वापस लौटे।

श्रमिकों की सुविधा के लिए छतरपुर रेल्वे स्टेशन पर तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे, जिसमें श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण (स्क्रीनिंग), सेनेटाइजर, मजदूरों को अपने गृह जिले तक पहुंचने के लिए बसों की व्यवस्था के साथ-साथ मजदूरों को लंच पैकेट और प्रत्येक बस में पेयजल आपूर्ति के प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे।

छतरपुर जिले के 2 हजार 23 मजदूर वापस आए
श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से आज सुबह छतरपुर जिले के 2 हजार 23 और अन्य 15 जिलों के 445 प्रवासी मजदूर वापस पहुंचे हैं। प्रशासन द्वारा मजदूरों को बसों के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बिजावर के 166, बड़ामलहरा के 42, नौगांव के 56, महाराजपुर के 184, राजनगर के 1155, चंदला के 34, लवकुशनगर के 142, घुवारा के 02, गौरिहार के 16 और 226 स्थानीय प्रवासी मजदूरों को घर भेजा गया।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों के आगमन और सुविधा के दृष्टिगत छतरपुर रेल्वे स्टेशन में अधिकारियों की जिम्मेवारी तय कर ड्यूटी लगाई गई थी।

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