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मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

छतरपुर - कटरा में फंसे 2468 प्रवासी मजदूर श्रमिक एक्सप्रेस से पहुंचे छतरपुर

छतरपुर, 24 मई 2020

राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों को वापस अपने-अपने गृह जिलों में भेजने के लिए विशेष श्रमिक ट्रेन चलाई जा रही है। जम्मू कश्मीर के कटरा से रवाना हुई श्रमिक एक्सप्रेस आज 24 मई को प्रातः 9 बजे छतरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन के माध्यम से कुल 2468 प्रवासी मजदूर छतरपुर वापस लौटे।

श्रमिकों की सुविधा के लिए छतरपुर रेल्वे स्टेशन पर तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे, जिसमें श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण (स्क्रीनिंग), सेनेटाइजर, मजदूरों को अपने गृह जिले तक पहुंचने के लिए बसों की व्यवस्था के साथ-साथ मजदूरों को लंच पैकेट और प्रत्येक बस में पेयजल आपूर्ति के प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे।

छतरपुर जिले के 2 हजार 23 मजदूर वापस आए
श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से आज सुबह छतरपुर जिले के 2 हजार 23 और अन्य 15 जिलों के 445 प्रवासी मजदूर वापस पहुंचे हैं। प्रशासन द्वारा मजदूरों को बसों के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बिजावर के 166, बड़ामलहरा के 42, नौगांव के 56, महाराजपुर के 184, राजनगर के 1155, चंदला के 34, लवकुशनगर के 142, घुवारा के 02, गौरिहार के 16 और 226 स्थानीय प्रवासी मजदूरों को घर भेजा गया।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों के आगमन और सुविधा के दृष्टिगत छतरपुर रेल्वे स्टेशन में अधिकारियों की जिम्मेवारी तय कर ड्यूटी लगाई गई थी।

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