Skip to main content

BREAKING NEWS

क्या मेंढकों की आवाज़ सुनाने के लिए काटी जा रही है बिजली ?

टर्र-टर्र के बीच अंधेरे में जनता,आखिर बिजली विभाग कब जागेगा ? समीर अवस्थी बरसात का मौसम आते ही गांव-गांव में मेंढकों की टर्र-टर्र सुनाई देने लगी है। कहीं लोक परंपरा के तहत मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया जा रहा है, तो कहीं अच्छी बारिश की कामना में लोग पूजा-पाठ कर रहे हैं। आस्था और परंपरा भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। लेकिन इन सबके बीच एक और परंपरा ऐसी है जो हर साल निभाई जाती है अघोषित बिजली कटौती छतरपुर के बमीठा क्षेत्र में बिजली गायब है क्षेत्र के कई  गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि शायद बिजली विभाग ने भी सोचा होगा कि जब मेंढकों की बारात निकल रही है तो लाइट बंद कर दो,ताकि जनता प्रकृति का संगीत पूरे सुकून से सुन सके। यह लेख भले ही हंसी पैदा करे,लेकिन इसके पीछे जनता की गहरी पीड़ा छिपी है आखिर सवाल यह है कि जब आधुनिक भारत,डिजिटल इंडिया और स्मार्ट व्यवस्था की बातें हो रही हैं,तब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों अघोषित बिजली कटौती क्यों? यदि लाइन में तकनीकी खराबी है तो उसकी सूचना क्यों नहीं? यदि रखरखाव का कार्य है तो उसका समय पहले से...

छतरपुर - कटरा में फंसे 2468 प्रवासी मजदूर श्रमिक एक्सप्रेस से पहुंचे छतरपुर

छतरपुर, 24 मई 2020

राज्य सरकार द्वारा लॉकडाउन अवधि के दौरान प्रदेश के प्रवासी श्रमिकों को वापस अपने-अपने गृह जिलों में भेजने के लिए विशेष श्रमिक ट्रेन चलाई जा रही है। जम्मू कश्मीर के कटरा से रवाना हुई श्रमिक एक्सप्रेस आज 24 मई को प्रातः 9 बजे छतरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। ट्रेन के माध्यम से कुल 2468 प्रवासी मजदूर छतरपुर वापस लौटे।

श्रमिकों की सुविधा के लिए छतरपुर रेल्वे स्टेशन पर तमाम प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे, जिसमें श्रमिकों के स्वास्थ्य परीक्षण (स्क्रीनिंग), सेनेटाइजर, मजदूरों को अपने गृह जिले तक पहुंचने के लिए बसों की व्यवस्था के साथ-साथ मजदूरों को लंच पैकेट और प्रत्येक बस में पेयजल आपूर्ति के प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे।

छतरपुर जिले के 2 हजार 23 मजदूर वापस आए
श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से आज सुबह छतरपुर जिले के 2 हजार 23 और अन्य 15 जिलों के 445 प्रवासी मजदूर वापस पहुंचे हैं। प्रशासन द्वारा मजदूरों को बसों के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बिजावर के 166, बड़ामलहरा के 42, नौगांव के 56, महाराजपुर के 184, राजनगर के 1155, चंदला के 34, लवकुशनगर के 142, घुवारा के 02, गौरिहार के 16 और 226 स्थानीय प्रवासी मजदूरों को घर भेजा गया।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों के आगमन और सुविधा के दृष्टिगत छतरपुर रेल्वे स्टेशन में अधिकारियों की जिम्मेवारी तय कर ड्यूटी लगाई गई थी।

Comments