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क्या मेंढकों की आवाज़ सुनाने के लिए काटी जा रही है बिजली ?

टर्र-टर्र के बीच अंधेरे में जनता,आखिर बिजली विभाग कब जागेगा ? समीर अवस्थी बरसात का मौसम आते ही गांव-गांव में मेंढकों की टर्र-टर्र सुनाई देने लगी है। कहीं लोक परंपरा के तहत मेंढक-मेंढकी का विवाह कराया जा रहा है, तो कहीं अच्छी बारिश की कामना में लोग पूजा-पाठ कर रहे हैं। आस्था और परंपरा भारतीय संस्कृति का हिस्सा हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। लेकिन इन सबके बीच एक और परंपरा ऐसी है जो हर साल निभाई जाती है अघोषित बिजली कटौती छतरपुर के बमीठा क्षेत्र में बिजली गायब है क्षेत्र के कई  गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। लोग मज़ाक में कह रहे हैं कि शायद बिजली विभाग ने भी सोचा होगा कि जब मेंढकों की बारात निकल रही है तो लाइट बंद कर दो,ताकि जनता प्रकृति का संगीत पूरे सुकून से सुन सके। यह लेख भले ही हंसी पैदा करे,लेकिन इसके पीछे जनता की गहरी पीड़ा छिपी है आखिर सवाल यह है कि जब आधुनिक भारत,डिजिटल इंडिया और स्मार्ट व्यवस्था की बातें हो रही हैं,तब ग्रामीण क्षेत्रों में घंटों अघोषित बिजली कटौती क्यों? यदि लाइन में तकनीकी खराबी है तो उसकी सूचना क्यों नहीं? यदि रखरखाव का कार्य है तो उसका समय पहले से...

छतरपुर - जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समूह की बैठक सम्पन्न



छतरपुर जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए गठित जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समूह की बैठक कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान लॉकडाउन के चौथे चरण अर्थात 18 मई से 31 मई 2020 तक जिला अंतर्गत लॉकडाउन व्यवस्था एवं जनसुविधा हेतु दी जाने वाली छूट को लेकर चर्चा की गई। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने सभी उपस्थित सदस्य एवं जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर सर्वसहमति से प्रस्ताव स्वीकृत किए।
18 मई से निम्न गतिविधियों का संचालन प्रतिबंध से सशर्त मुक्त रहेगा
वर्तमान में प्रतिबंध से मुक्त बाजार/दुकानें/प्रतिष्ठान/उद्योग आदि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए 18 मई से प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खोली जा सकेंगी। इसी के साथ जिम के संचालन को भी वर्तमान में लागू प्रतिबंध से मुक्त किया जाएगा। छतरपुर जिला या फिर ऐसे जिले जो ग्रीन जोन एवं ऑरेंज जोन (कंटेनमेंट एरिया से बाहर वाले क्षेत्र) अंतर्गत आते हैं उनमें किए जाने वाले विवाह समारोह प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। उक्त समारोह में वर एवं वधु पक्ष के 25-25 (अधिकतम 50) व्यक्ति उपस्थित रह सकेंगे। इसके साथ विवाह समारोह में बैण्ड बाजों का प्रयोग करने की अनुमति भी दी जाएगी। जिले की राजस्व सीमाओं के बाहर से आने वाली सार्वजनिक परिवहन हेतु बसों/टैक्सियों (एमएचए द्वारा अनुमत्य वाहनों को छोड़कर) आदि का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साप्ताहिक हाट बाजार लॉकडाउन के चौथे चरण में भी बंद रखे जाएंगे एवं सभी धार्मिक स्थल और अन्य सामाजिक/राजनीतिक/मनोरंजन/अकादमिक समारोह एवं अन्य एकत्रीकरण बंद रखे जाएंगे।
जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर कलेक्टर श्री सिंह द्वारा सर्वसहमति से निर्णय लिया गया कि इंदौर अथवा भोपाल जिले में फंसे छतरपुर जिले के छात्र-छात्राओं को वापस भेजने की व्यवस्था यदि मध्य प्रदेश शासन द्वारा की जाती है, तो जिला प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं होगी।  लेकिन सिर्फ उन्हीं छात्र-छात्राओं को वापस आने की अनुमति दी जाएगी जो वर्तमान में इंदौर एवं भोपाल के कंटेनमेंट एरिया के बाहर निवास कर रहे हैं।
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को उनके द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। बैठक में पूर्व राज्यमंत्री ललिता यादव, विधायकगण  राजेश प्रजापति, प्रद्युम्न सिंह लोधी एवं कुंवर विक्रम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु चन्द्र, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ, अपर कलेक्टर प्रेम सिंह चौहान एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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