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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

छतरपुर - जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समूह की बैठक सम्पन्न



छतरपुर जिले में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए गठित जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन समूह की बैठक कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान लॉकडाउन के चौथे चरण अर्थात 18 मई से 31 मई 2020 तक जिला अंतर्गत लॉकडाउन व्यवस्था एवं जनसुविधा हेतु दी जाने वाली छूट को लेकर चर्चा की गई। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने सभी उपस्थित सदस्य एवं जनप्रतिनिधियों के सुझावों पर सर्वसहमति से प्रस्ताव स्वीकृत किए।
18 मई से निम्न गतिविधियों का संचालन प्रतिबंध से सशर्त मुक्त रहेगा
वर्तमान में प्रतिबंध से मुक्त बाजार/दुकानें/प्रतिष्ठान/उद्योग आदि भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए 18 मई से प्रतिदिन सुबह 10 से शाम 6 बजे तक खोली जा सकेंगी। इसी के साथ जिम के संचालन को भी वर्तमान में लागू प्रतिबंध से मुक्त किया जाएगा। छतरपुर जिला या फिर ऐसे जिले जो ग्रीन जोन एवं ऑरेंज जोन (कंटेनमेंट एरिया से बाहर वाले क्षेत्र) अंतर्गत आते हैं उनमें किए जाने वाले विवाह समारोह प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। उक्त समारोह में वर एवं वधु पक्ष के 25-25 (अधिकतम 50) व्यक्ति उपस्थित रह सकेंगे। इसके साथ विवाह समारोह में बैण्ड बाजों का प्रयोग करने की अनुमति भी दी जाएगी। जिले की राजस्व सीमाओं के बाहर से आने वाली सार्वजनिक परिवहन हेतु बसों/टैक्सियों (एमएचए द्वारा अनुमत्य वाहनों को छोड़कर) आदि का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साप्ताहिक हाट बाजार लॉकडाउन के चौथे चरण में भी बंद रखे जाएंगे एवं सभी धार्मिक स्थल और अन्य सामाजिक/राजनीतिक/मनोरंजन/अकादमिक समारोह एवं अन्य एकत्रीकरण बंद रखे जाएंगे।
जनप्रतिनिधियों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर कलेक्टर श्री सिंह द्वारा सर्वसहमति से निर्णय लिया गया कि इंदौर अथवा भोपाल जिले में फंसे छतरपुर जिले के छात्र-छात्राओं को वापस भेजने की व्यवस्था यदि मध्य प्रदेश शासन द्वारा की जाती है, तो जिला प्रशासन को कोई आपत्ति नहीं होगी।  लेकिन सिर्फ उन्हीं छात्र-छात्राओं को वापस आने की अनुमति दी जाएगी जो वर्तमान में इंदौर एवं भोपाल के कंटेनमेंट एरिया के बाहर निवास कर रहे हैं।
कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को उनके द्वारा दिए जा रहे सहयोग के लिए आभार प्रकट किया। बैठक में पूर्व राज्यमंत्री ललिता यादव, विधायकगण  राजेश प्रजापति, प्रद्युम्न सिंह लोधी एवं कुंवर विक्रम सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत सीईओ हिमांशु चन्द्र, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ, अपर कलेक्टर प्रेम सिंह चौहान एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

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