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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

छतरपुर - श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से प्रवासी मजदूरों की हुई घर वापसी


वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में फंसे प्रवासी मजदूरों की रविवार की सुबह घर वापसी हो गई है। रेल मंत्रालय ने श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन द्वारा 1343 प्रवासी मजदूरों को रेवाड़ी रेल्वे स्टेशन से 8 मई को रात्रि में छतरपुर रेल्वे स्टेशन के लिए रवाना किया था।

ट्रेन के सुबह रेल्वे स्टेशन छतरपुर पहुंचने पर प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और रजिस्ट्रेशन करने के बाद बस द्वारा नाश्ता, खाना और पेयजल की व्यवस्था के साथ रवाना किया गया। छतरपुर जिले के 1305 मजदूर वापस आए
श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से आज सुबह छतरपुर जिले के 1305 और अन्य जिलों के 38 प्रवासी मजदूर वापस पहुंचे हैं। प्रशासन द्वारा मजदूरों को बसों के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बिजावर के 286, बड़ामलहरा के 193,  नौगांव और  महाराजपुर के 64-64, राजनगर के 105, चंदला के 68, लवकुशनगर के 180, बक्स्वाहा के 16, घुवारा के 101, गौरिहार के 83 और 145 स्थानीय प्रवासी मजदूरों को घर भेजा गया।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों के आगमन और सुविधा के दृष्टिगत छतरपुर रेल्वे स्टेशन में अधिकारियों की जिम्मेवारी तय कर ड्यूटी लगाई गई थी।

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