Skip to main content

BREAKING NEWS

मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

छतरपुर - श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से प्रवासी मजदूरों की हुई घर वापसी


वैश्विक महामारी कोविड-19 के संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान हरियाणा में फंसे प्रवासी मजदूरों की रविवार की सुबह घर वापसी हो गई है। रेल मंत्रालय ने श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन द्वारा 1343 प्रवासी मजदूरों को रेवाड़ी रेल्वे स्टेशन से 8 मई को रात्रि में छतरपुर रेल्वे स्टेशन के लिए रवाना किया था।

ट्रेन के सुबह रेल्वे स्टेशन छतरपुर पहुंचने पर प्रवासी मजदूरों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और रजिस्ट्रेशन करने के बाद बस द्वारा नाश्ता, खाना और पेयजल की व्यवस्था के साथ रवाना किया गया। छतरपुर जिले के 1305 मजदूर वापस आए
श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से आज सुबह छतरपुर जिले के 1305 और अन्य जिलों के 38 प्रवासी मजदूर वापस पहुंचे हैं। प्रशासन द्वारा मजदूरों को बसों के जरिए उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। बिजावर के 286, बड़ामलहरा के 193,  नौगांव और  महाराजपुर के 64-64, राजनगर के 105, चंदला के 68, लवकुशनगर के 180, बक्स्वाहा के 16, घुवारा के 101, गौरिहार के 83 और 145 स्थानीय प्रवासी मजदूरों को घर भेजा गया।उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा मजदूरों के आगमन और सुविधा के दृष्टिगत छतरपुर रेल्वे स्टेशन में अधिकारियों की जिम्मेवारी तय कर ड्यूटी लगाई गई थी।

Comments