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केन-बेतवा में मुआवजा या खेल ? सूत्रों के मुताबिक बाहरी लोगों ने भी फर्जी तरीके से लिया मुआवजा क्या अब जांच में होगी वसूली ?

केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा… या फिर “मौका” वितरण ? केन बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा वितरण में विसंगतियों को लेकर चल रहे प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है लेकिन मामले में अब सबकी नजर प्रशासन की जांच में टिकी हुई है  सूत्रों के अनुसार छतरपुर जिले के डूब क्षेत्र के गांवों में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है जिनका हक था,वो लाइन में खड़े रह गए…और जिनका कोई लेना-देना नहीं गांव के भी नहीं ऐसे कई लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया ये सिस्टम की गलती है या सेटिंग का कमाल ? पिछले 12 दिन तक ग्रामीण चिता पर लेटे रहे प्रदर्शन किया,तब जाकर फाइलें खुलीं और जांच दल बन गया। सवाल ये है क्या जांच सच सामने लाएगी ? अब सीधे सवाल प्रशासन से क्या फर्जी मुआवजा लेने वालों से वसूली होगी ? क्या मिलीभगत करने वाले पटवारी बच पाएंगे ? और जो असली हकदार हैं…उन्हें उनका हक मिलेगा ? या फिर हमेशा की तरह…मामला उठेगा,सुर्खियां बनेगी,और फिर सब कुछ “ठंडे बस्ते” में चला जाएगा ?

फरारी से गिरफ्तारी तक… छतरपुर पुलिस के हत्थे चढ़ा 30 हज़ार का इनामी बदमाश,चार पुलिस कर्मी सस्पेंड

छतरपुर जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार 30 हज़ार का इनामी आरोपी रविंद्र परिहार सहित 4 गिरफ्तार, हथियार और बाइक जब्त

छतरपुर। जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार हुए 30 हज़ार रुपये के इनामी आरोपी रविंद्र सिंह परिहार को छतरपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। परिहार पर हत्या के प्रयास, बलवा, रोड एक्सीडेंट, एससी-एसटी एक्ट और अवैध हथियार रखने जैसे 14 गंभीर अपराध दर्ज हैं।

अस्पताल से फरार होने के बाद दबिशें तेज

कुछ दिनों पूर्व जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार होने की घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था। थाना कोतवाली में इस संबंध में भारतीय न्याय संहिता की समुचित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी सागर जोन हिमानी खन्ना ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 30 हज़ार रुपये के इनाम की घोषणा की थी। वहीं, एसपी अगम जैन ने घटनास्थल का निरीक्षण कर 10 पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए।

मुखबिर की सूचना पर हुई गिरफ्तारी

पुलिस टीमों द्वारा जिले में लगातार दबिशें दी जा रही थीं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में फिक्स पॉइंट पर पुलिस बल भी तैनात किया गया। मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए पुलिस को आरोपी परिहार के संबंध में जानकारी मिली। इस आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ग्राम पनौठा के पास से इनामी बदमाश रविंद्र सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया।

तीन सहयोगी भी पकड़े गए

जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी को फरार होने में सहयोग करने वाले तीन अन्य आरोपियों की भी भूमिका रही। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इन तीनों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनमें शामिल हैं –

  1. चंद्रभान अनुरागी उर्फ गोलू पिता विष्णु अनुरागी निवासी ग्राम देरी थाना ओरछा रोड

  2. प्रदीप सिंह चंदेल पिता जयपाल सिंह चंदेल निवासी ग्राम खीरमहेरी थाना ओरछा रोड

  3. अंगद सिंह सिसोदिया पिता रघुवीर सिंह सिसोदिया निवासी ग्राम लालोनी थाना सिविल लाइन

हथियार और बाइक बरामद

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पुलिस वेपन, तीन मोबाइल फोन और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की है। सभी आरोपियों के खिलाफ विधिवत प्रकरण दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

अन्य आरोपी अब भी फरार

इस पूरे कृत्य में शामिल अन्य आरोपी जफ्फू उर्फ जाफिर खान, अश्वनी सक्सेना और दीपक परिहार की तलाश अब भी पुलिस कर रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिशें जारी हैं।

चार पुलिसकर्मी सस्पेंड

इस लापरवाहीपूर्ण घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस विभाग ने चार पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। कैदी वार्ड से आरोपी की फरारी को सुरक्षा चूक मानते हुए विभाग ने यह कार्रवाई की है।

बड़ी टीम की भूमिका

इस कार्रवाई में एएसपी विदिता, सीएसपी अरुण सोनी सहित थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक अरविंद सिंह दांगी, थाना प्रभारी सिविल लाइन निरीक्षक वाल्मीकि चौबे, थाना प्रभारी ओरछा रोड उप निरीक्षक दीपक यादव, साइबर प्रभारी उप निरीक्षक नेहा गुर्जर, उप निरीक्षक पुष्पेंद्र यादव, कुलदीप सिंह जादौन, धर्मेंद्र रोहित, अतुल झा, राहुल तिवारी, देवेंद्र सिंह यादव और अन्य पुलिस अधिकारियों एवं जवानों की विशेष भूमिका रही।



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