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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

ओबेरॉय ग्रुप राजगढ़ पैलेस में बबाल सुपरवाइजर को मिली जान से मारने की धमकी,शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं धमकियों से दहशत में सुपरवाइजर

छतरपुर: होटल प्रोजेक्ट में कर्मचारियों को हटाना पड़ा भारी,सुपरवाइजर पर खतरा


छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र स्थित ओबेरॉय ग्रुप के राजगढ़ पैलेस होटल में बड़ा विवाद सामने आया है। यहां सृष्टि गार्डन प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहे सुपरवाइजर भूपेंद्र अनुरागी को जान से मारने की धमकी मिली है। मिली जानकारी के मुताबिक,सुपरवाइजर भूपेंद्र अनुरागी ने काम के दौरान लापरवाही करने वाले कर्मचारियों की शिकायत अपने वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। कंपनी ने कार्रवाई करते हुए करीब 25 कर्मचारियों को काम से निकाल दिया,जबकि 50 से ज्यादा लोगों को कंपनी ने रोजगार का अवसर दिया।

इसी बात से नाराज़ होकर राजगढ़ निवासी कोमल रैकवार ने सुपरवाइजर भूपेंद्र को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली।

भूपेंद्र अनुरागी, जो कि मूल रूप से बरुआसागर, जिला झांसी (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं, वर्तमान में छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के चंद्रनगर चौकी अंतर्गत राजगढ़ पैलेस होटल में सुपरवाइजर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इस धमकी की लिखित शिकायत चंद्रनगर पुलिस चौकी और बमीठा थाने में दर्ज कराई है।

भूपेंद्र का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। 
भूपेंद्र का कहना है कंपनी के आदेश पर मैंने केवल लापरवाह कर्मचारियों को हटाया था। इसके बाद से मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं,जिससे मेरी जान को खतरा है।

इस मामले ने होटल प्रबंधन के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह उठ रहा है कि जब एक बड़े होटल प्रोजेक्ट पर काम करने वाले सुपरवाइजर को खुलेआम धमकी दी जा रही है और शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम लोगों की सुरक्षा का जिम्मा कौन लेगा ?

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