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केन-बेतवा में मुआवजा या खेल ? सूत्रों के मुताबिक बाहरी लोगों ने भी फर्जी तरीके से लिया मुआवजा क्या अब जांच में होगी वसूली ?

केन-बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा… या फिर “मौका” वितरण ? केन बेतवा लिंक परियोजना में मुआवजा वितरण में विसंगतियों को लेकर चल रहे प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया है लेकिन मामले में अब सबकी नजर प्रशासन की जांच में टिकी हुई है  सूत्रों के अनुसार छतरपुर जिले के डूब क्षेत्र के गांवों में बड़ा फर्जीवाड़ा किया गया है जिनका हक था,वो लाइन में खड़े रह गए…और जिनका कोई लेना-देना नहीं गांव के भी नहीं ऐसे कई लोगों के खातों में पैसा पहुंच गया ये सिस्टम की गलती है या सेटिंग का कमाल ? पिछले 12 दिन तक ग्रामीण चिता पर लेटे रहे प्रदर्शन किया,तब जाकर फाइलें खुलीं और जांच दल बन गया। सवाल ये है क्या जांच सच सामने लाएगी ? अब सीधे सवाल प्रशासन से क्या फर्जी मुआवजा लेने वालों से वसूली होगी ? क्या मिलीभगत करने वाले पटवारी बच पाएंगे ? और जो असली हकदार हैं…उन्हें उनका हक मिलेगा ? या फिर हमेशा की तरह…मामला उठेगा,सुर्खियां बनेगी,और फिर सब कुछ “ठंडे बस्ते” में चला जाएगा ?

ओबेरॉय ग्रुप राजगढ़ पैलेस में बबाल सुपरवाइजर को मिली जान से मारने की धमकी,शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं धमकियों से दहशत में सुपरवाइजर

छतरपुर: होटल प्रोजेक्ट में कर्मचारियों को हटाना पड़ा भारी,सुपरवाइजर पर खतरा


छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र स्थित ओबेरॉय ग्रुप के राजगढ़ पैलेस होटल में बड़ा विवाद सामने आया है। यहां सृष्टि गार्डन प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहे सुपरवाइजर भूपेंद्र अनुरागी को जान से मारने की धमकी मिली है। मिली जानकारी के मुताबिक,सुपरवाइजर भूपेंद्र अनुरागी ने काम के दौरान लापरवाही करने वाले कर्मचारियों की शिकायत अपने वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। कंपनी ने कार्रवाई करते हुए करीब 25 कर्मचारियों को काम से निकाल दिया,जबकि 50 से ज्यादा लोगों को कंपनी ने रोजगार का अवसर दिया।

इसी बात से नाराज़ होकर राजगढ़ निवासी कोमल रैकवार ने सुपरवाइजर भूपेंद्र को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दे डाली।

भूपेंद्र अनुरागी, जो कि मूल रूप से बरुआसागर, जिला झांसी (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले हैं, वर्तमान में छतरपुर जिले के बमीठा थाना क्षेत्र के चंद्रनगर चौकी अंतर्गत राजगढ़ पैलेस होटल में सुपरवाइजर पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने इस धमकी की लिखित शिकायत चंद्रनगर पुलिस चौकी और बमीठा थाने में दर्ज कराई है।

भूपेंद्र का आरोप है कि शिकायत के बाद भी पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। 
भूपेंद्र का कहना है कंपनी के आदेश पर मैंने केवल लापरवाह कर्मचारियों को हटाया था। इसके बाद से मुझे लगातार धमकियां मिल रही हैं,जिससे मेरी जान को खतरा है।

इस मामले ने होटल प्रबंधन के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह उठ रहा है कि जब एक बड़े होटल प्रोजेक्ट पर काम करने वाले सुपरवाइजर को खुलेआम धमकी दी जा रही है और शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही, तो आम लोगों की सुरक्षा का जिम्मा कौन लेगा ?

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