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मैं खजुराहो मुझे बचाओ - मंदिरों की नगरी में नशे का साया जिम्मेदार बेखबर ?

खजुराहो के वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य द्वार के पास शराब ठेका,चंदेलकालीन शिवसागर तालाब बना शराबियों का अड्डा जिम्मेदार बेखबर  खजुराहो केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक पहचान और विश्व मंच पर देश की ऐतिहासिक विरासत का प्रतीक है। यहां स्थित खजुराहो मंदिर समूह को यूनेस्को विश्व धरोहर का दर्जा प्राप्त है और हर साल देश-विदेश से हजारों पर्यटक इसकी अद्भुत स्थापत्य कला और इतिहास को देखने पहुंचते हैं। विशेष रूप से वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल खजुराहो का सबसे प्रमुख और सर्वाधिक भ्रमण किया जाने वाला परिसर है। लेकिन इन दिनों जो तस्वीरें सामने आ रही हैं, वे खजुराहो की प्रतिष्ठा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वेस्टर्न ग्रुप ऑफ टेंपल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास संचालित शराब ठेके से शराब खरीदकर कुछ लोग पास स्थित चंदेलकालीन शिवसागर तालाब में बैठकर खुलेआम शराब पीते दिखाई दे रहे हैं। तालाब के किनारों पर बिखरी शराब की बोतलें और गंदगी न केवल ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा को ठेस पहुंचा रही हैं, बल्कि आने वाले पर्यटकों के सामने भी खजुराहो की नकारात्मक छवि प्रस्तुत कर रही हैं। खजुराहो की प...

छतरपुर में 48 लाख का पंचायत घोटाला सरपंच,सचिव और रोजगार सहायक पर FIR सरपंच ने अपने ही घर के नौकर के खाते में करवा डाला लाखों का फर्जी भुगतान


नौकर के खाते में पहुंचाए लाखों, जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर दर्ज हुआ मामला, सचिव निलंबित – रोजगार सहायक जनपद अटैच
छतरपुर : राजनगर जनपद के ग्राम पंचायत चौबर में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत की सरपंच श्रीमती प्रेमकुवर सिंह, पंचायत सचिव प्रकाशचंद्र पटेल और रोजगार सहायक ओमप्रकाश दुबे पर 48 लाख रुपए से अधिक का फर्जी भुगतान करने का आरोप साबित होने के बाद जिला सीईओ के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
जांच में यह चौकाने वाला खुलासा हुआ कि सरपंच ने विकास कार्यों के नाम पर अपने ही घर के नौकर साथीराम के बैंक खाते में लाखों रुपए का भुगतान करवा दिया। इससे ग्राम पंचायत के कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर पूरा मामला राजनगर थाने पहुंचा और थाने की पुलिस ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
कार्रवाई के तहत पंचायत सचिव प्रकाशचंद्र पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं रोजगार सहायक ओमप्रकाश दुबे को जनपद कार्यालय अटैच किया गया है। मामले की जांच जारी है।

ग्राम पंचायत चौबर में हुए इस भ्रष्टाचार कांड ने न केवल ग्रामीणों बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर मिलने वाला पैसा अगर जिम्मेदार लोग ही हड़प जाएं तो गांव की हालत कैसे सुधरेगी?

अब पुलिस जांच से यह देखना होगा कि आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और इस घोटाले में कौन-कौन से लोग शामिल हैं और कब तक कड़ी कार्रवाई होती है।

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