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छतरपुर में विरोध का बदलता स्वरूप चिंताजनक,खाकी का अपमान,समाज का नुकसान

छतरपुर में बिगड़ता माहौल विरोध के नाम पर खाकी से बदसलूकी कब तक ? छतरपुर जिले का माहौल इन दिनों चिंताजनक होता जा रहा है मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला में किसी भी प्रकार का ज्ञापन सौंपना हो या विरोध प्रदर्शन करना हो,कुछ लोग अपनी सीमाएँ लांघते हुए खाकी वर्दी के साथ बदसलूकी पर उतारू हो जाते हैं।  यह स्थिति न केवल कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज की सोच पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है।विरोध करना प्रत्येक नागरिक का लोकतांत्रिक अधिकार है। अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन उस आवाज में संयम और मर्यादा होना भी उतना ही आवश्यक है।  पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए तैनात रहते हैं। वे भी इसी समाज का हिस्सा हैं किसी के बेटे,भाई या पिता हैं। ऐसे में ज्ञापन सौंपते समय या प्रदर्शन के दौरान उनसे अभद्रता करना या खाकी पर हाथ उठाना किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। खाकी वर्दी व्यवस्था और सुरक्षा का प्रतीक है यदि हम उसी व्यवस्था को कमजोर करने लगेंगे,तो आखिर हमारी मांगें पूरी कैसे होंगी? पुलिस को प्रताड़ित कर, उन्हें उकसा कर या उन पर प्रहार कर हम अपनी ही समस्याओं ...

छतरपुर में 48 लाख का पंचायत घोटाला सरपंच,सचिव और रोजगार सहायक पर FIR सरपंच ने अपने ही घर के नौकर के खाते में करवा डाला लाखों का फर्जी भुगतान


नौकर के खाते में पहुंचाए लाखों, जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर दर्ज हुआ मामला, सचिव निलंबित – रोजगार सहायक जनपद अटैच
छतरपुर : राजनगर जनपद के ग्राम पंचायत चौबर में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। पंचायत की सरपंच श्रीमती प्रेमकुवर सिंह, पंचायत सचिव प्रकाशचंद्र पटेल और रोजगार सहायक ओमप्रकाश दुबे पर 48 लाख रुपए से अधिक का फर्जी भुगतान करने का आरोप साबित होने के बाद जिला सीईओ के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
जांच में यह चौकाने वाला खुलासा हुआ कि सरपंच ने विकास कार्यों के नाम पर अपने ही घर के नौकर साथीराम के बैंक खाते में लाखों रुपए का भुगतान करवा दिया। इससे ग्राम पंचायत के कार्यों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिला पंचायत सीईओ के आदेश पर पूरा मामला राजनगर थाने पहुंचा और थाने की पुलिस ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
कार्रवाई के तहत पंचायत सचिव प्रकाशचंद्र पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, वहीं रोजगार सहायक ओमप्रकाश दुबे को जनपद कार्यालय अटैच किया गया है। मामले की जांच जारी है।

ग्राम पंचायत चौबर में हुए इस भ्रष्टाचार कांड ने न केवल ग्रामीणों बल्कि प्रशासनिक स्तर पर भी हड़कंप मचा दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के नाम पर मिलने वाला पैसा अगर जिम्मेदार लोग ही हड़प जाएं तो गांव की हालत कैसे सुधरेगी?

अब पुलिस जांच से यह देखना होगा कि आरोपियों की गिरफ्तारी कब तक होती है और इस घोटाले में कौन-कौन से लोग शामिल हैं और कब तक कड़ी कार्रवाई होती है।

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